Web Name: Bhairav Darbar
Enterprise: Rudra Tulshi
• भारत: सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में — सिद्ध यंत्र, रक्षा कवच, सिद्ध रुद्राक्ष, हवन की रख एवं सूखा प्रसाद (यह कुल प्रकार की सूची है)। भक्त को वही भेजा जाता है जो उसकी चुनी हुई सेवा/योजना में सम्मिलित है — जैसे ₹11500 में (1 दिवसीय अनुष्ठान) 1 सिद्ध यंत्र (अकाल मृत्यु विजय एवं बाधा निवारण — दोनों सिद्धियाँ एक ही यंत्र में, जो पूजा स्थल पर रखा जाता है) + रख + प्रसाद + उपयोग-निर्देशिका (वेबसाइट पर); ₹29000 में (2 दिवसीय अनुष्ठान) 1 सिद्ध यंत्र (अकाल मृत्यु विजय एवं शांति/बाधा निवारण, लक्ष्मी वर्धक — एक ही यंत्र में) + 2 रक्षा कवच + रख + प्रसाद + उपयोग-निर्देशिका (वेबसाइट पर); ₹51000 में (3 दिवसीय अनुष्ठान) 1 सिद्ध यंत्र (अकाल मृत्यु विजय एवं बाधा निवारण, सर्व रक्षा — एक ही यंत्र) + सिद्ध लक्ष्मी यंत्र + 2 रक्षा कवच + 1 सिद्ध पंचमुखी रुद्राक्ष + रख + प्रसाद + उपयोग-निर्देशिका (वेबसाइट पर मुफ़्त)। योजना में शामिल न होने वाली वस्तु अलग से नहीं दी जाती। अर्जी ₹251, हवन ₹1151 एवं संकल्प ₹101 की सेवाओं में प्रसाद/यंत्र सम्मिलित नहीं।
• भारत के बाहर (विदेश): योजना की सभी वस्तुएँ भेजने का प्रयास किया जाता है — सिद्ध यंत्र, रक्षा कवच, सिद्ध रुद्राक्ष, हवन की रख एवं सूखा प्रसाद। केवल वही वस्तु नहीं भेजी जाती जिसे गंतव्य देश का कस्टम/डाक नियम रोकता हो (कुछ देश खाद्य प्रसाद पर रोक लगाते हैं) — शेष सभी वस्तुएँ भेजी जाती हैं और उसका कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
• डाक व्यय अनुष्ठान की दक्षिणा से अलग है और पता एवं वज़न देखकर तय होता है। राशि भेजने से पहले WhatsApp/चैट पर स्पष्ट बताई जाती है; आपकी सहमति के बाद ही पार्सल भेजा जाता है।
• विदेश के डाक व्यय भारत से अधिक होते हैं और गंतव्य देश की कस्टम ड्यूटी/टैक्स भक्त द्वारा देय होता है।
• पार्सल अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद भेजा जाता है — सामान्यतः 7 से 10 कार्यदिवसों में (अनुष्ठान की तिथि पहले बताई जाती है)।
• भेजने के बाद आपके पते तक पहुँचने का अनुमान: भारत में 7–10 दिन, विदेश में 20–35 दिन (कस्टम जाँच में अधिक समय लग सकता है)। यह डाक विभाग द्वारा पहुँचाने का समय है — दरबार की ओर से भेजने में देरी नहीं की जाती।
रख एवं प्रसाद अलग-अलग सीलबंद पैकिंग में भेजे जाते हैं। प्रसाद सूखा (मिश्री, बताशा, सूखे मेवे) होने के कारण डाक में सुरक्षित रहता है। यंत्र/रक्षा कवच/रुद्राक्ष कपड़े की थैली में अलग रखे जाते हैं। डिब्बे पर "प्रसाद — बिक्री हेतु नहीं" अंकित रहता है।
पार्सल भेजने के बाद कूरियर/स्पीड पोस्ट का ट्रैकिंग नंबर आपके WhatsApp या चैट संपर्क पर भेज दिया जाता है।
• भक्त द्वारा दिया गया पता सही एवं पूर्ण होना चाहिए (नाम, पूरा पता, पिन कोड, मोबाइल)।
• गलत/अधूरे पते पर पार्सल न पहुँचने या लौट आने की स्थिति में दोबारा भेजने का व्यय भक्त द्वारा देय होगा — और दोबारा भेजना केवल रख एवं सूखे प्रसाद के लिए संभव है (सिद्ध यंत्र, रक्षा कवच एवं सिद्ध रुद्राक्ष दोबारा नहीं भेजे जाते — धारा 8)।
• कस्टम घोषणा पत्र (CN22/CN23) पर वस्तु का सही विवरण (Religious puja item) अंकित कर भेजा जाता है।
• यदि गंतव्य देश का कस्टम पार्सल रोक लेता है, वापस भेज देता है या नष्ट कर देता है, तो दक्षिणा वापस नहीं की जाती तथा उसकी ज़िम्मेदारी संस्था पर नहीं होगी।
पार्सल मिलने के 48 घंटे के भीतर खुला हुआ पार्सल का फोटो/वीडियो WhatsApp या चैट पर भेजें। जाँच के बाद उचित समाधान किया जाएगा।
• दोबारा भेजना केवल रख एवं प्रसाद के लिए: क्षति, खोने या पते पर न पहुँचने की स्थिति में केवल हवन की रख एवं सूखा प्रसाद (मिश्री, बताशा, सूखे मेवे, सूखा नारियल) दोबारा भेजा जा सकता है।
• सिद्ध यंत्र / रक्षा कवच / सिद्ध रुद्राक्ष दोबारा नहीं: ये वस्तुएँ पूर्ण वैदिक विधि, मंत्र एवं हवन से सिद्ध की जाती हैं और संकल्प के समय भक्त के नाम-गोत्र से अर्पित होती हैं। एक ही विधि से ये एक बार ही सिद्ध होती हैं — इसलिए इन्हें दोबारा नहीं बनाया जा सकता और न ही दोबारा भेजा जा सकता।
• क्षति/विलंब के लिए किसी प्रकार का आर्थिक मुआवज़ा अथवा दक्षिणा की वापसी देय नहीं है।
• सहमति भुगतान से पहले: भुगतान करते समय भक्त चेक-बॉक्स पर सहमति देकर यह पुष्टि करता है कि उसने यह नीति पढ़ ली है — इसलिए भुगतान के बाद रद्द करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
• रद्दीकरण नहीं: संकल्प दर्ज होने के बाद अर्जी, विधि, हवन अथवा महा अनुष्ठान — किसी की भी दक्षिणा रद्द या वापस नहीं की जाती। दक्षिणा अनुष्ठान (विधि, हवन एवं सिद्धि) हेतु अर्पित की जाती है।
• पार्सल में देरी होने पर: पार्सल अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद भेजा जाता है। देरी या डाक में रुकने पर दक्षिणा वापस नहीं होती — जाँच के बाद केवल हवन की रख एवं सूखा प्रसाद दोबारा भेजा जाता है (धारा 8); सिद्ध यंत्र, रक्षा कवच एवं सिद्ध रुद्राक्ष दोबारा नहीं भेजे जाते।
• विदेश/कस्टम: कस्टम द्वारा रोके जाने, लौटाए जाने या नष्ट किए जाने पर भी दक्षिणा वापस नहीं होती।
• केवल एक अपवाद — दोहरा भुगतान: यदि तकनीकी कारण से एक ही अर्जी की राशि दो बार कट जाए, तो जाँच के बाद अतिरिक्त राशि वापस की जाती है — इसमें भुगतान गेटवे (Razorpay) का शुल्क एवं उस पर लगा GST काटकर शेष राशि 5–7 कार्यदिवसों में लौटाई जाती है (गेटवे शुल्क वापस नहीं मिलता)।
• सेवा में देरी होने पर (विधि / अनुष्ठान): आपकी सेवा अवश्य सम्पन्न की जाती है — कोई अर्जी छूटती नहीं। अर्जियाँ क्रमानुसार (टोकन/नंबर के हिसाब से) ली जाती हैं, इसलिए कभी-कभी थोड़ी देरी हो सकती है। यदि अपेक्षा से अधिक समय लगे तो कृपया हमसे संपर्क करें — उचित समय देखकर आपकी विधि/अनुष्ठान शीघ्र सम्पन्न कर दिया जाएगा और प्रमाण-पत्र के साथ पुष्टि भेजी जाएगी।
डाक, पता या प्रसाद संबंधी किसी भी बात के लिए संपर्क करें:
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Last Updated: 2026