🕉 भैरव दरबार 🕉

भैरव जयंती 2026 — तारीख, शुभ समय, पूजा विधि और शुभकामनाएं

बाबा काल भैरव जी का प्राकट्य पर्व — मार्गशीर्ष मास, कृष्ण अष्टमी

बाबा काल भैरव जी की तस्वीर — भैरव दरबार
॥ जय श्री काल भैरव ॥
मंगलवार, 1 दिसंबर 2026
भैरव जयंती (काल भैरव जयंती)
🌙 अष्टमी तिथि आरंभ: 1 दिसंबर, रात 12:11
🌙 अष्टमी तिथि समाप्त: 1 दिसंबर, रात 11:13
📖 मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष (भारतीय समय)
–दिन
–घंटे
–मिनट
–सेकंड
बाबा के प्राकट्य पर्व तक बचा समय
🙏 भैरव जयंती की शुभकामना भेजें — अपने नाम और फोटो के साथ 🪔 लाइव भैरव दरबार दर्शन व डिजिटल पूजा 🛕 मुझे भी काम है — बाबा से अरजी लगाऊँ 🙏 अपनी परेशानी बाबा के दरबार में रखें — शांति व बाधा निवारण हवन ›

भैरव जयंती क्या है — छोटी कथा

कथा के अनुसार एक बार ब्रह्मा जी और विष्णु जी में श्रेष्ठता का विवाद हुआ। ब्रह्मा जी ने अपने पाँचवें मुख से ऐसी बात कही जिससे महादेव क्रोधित हो उठे। उसी क्रोध से काल भैरव प्रकट हुए।

भैरव जी ने ब्रह्मा जी का पाँचवाँ सिर काट दिया — और उसी क्षण ब्रह्म-हत्या का पाप उनसे चिपक गया। उस पाप से मुक्ति के लिए वे काशी पहुँचे, जहाँ माँ गंगा और शिव की कृपा से उन्हें मुक्ति मिली। तभी से वे काशी के कोतवाल कहलाए — काशी की रक्षा का भार उन्हीं पर है।

इसीलिए भैरव जयंती पर बाबा की पूजा करने से भय, बाधा, अदालती-मुकदमे और शत्रु से रक्षा मानी जाती है, और हर संकट हरने वाले बाबा का आशीर्वाद मिलता है।

भैरव जयंती पूजा विधि (आसान 6 कदम)

  1. सुबह स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनिए और बाबा के दरबार या तस्वीर के सामने बैठिए।
  2. सरसों के तेल का दीपक जलाइए — भैरव जी को सरसों का तेल सबसे प्रिय है।
  3. चढ़ावा: काले तिल, उड़द की दाल, काले फूल, नारियल और थोड़ा गुड़ चढ़ाइए।
  4. जाप: "ॐ कालभैरवाय नमः" का 108 बार जाप कीजिए (माला डिजिटल भी चलेगी)।
  5. श्वान (कुत्ते) को भोजन दीजिए — श्वान बाबा का वाहन हैं, यह उन्हें सबसे प्रिय है।
  6. दान: ज़रूरतमंद को अन्न, कंबल या कुछ धन देकर अपने घर की रक्षा की प्रार्थना कीजिए।

भैरव जी के मंत्र

ॐ कालभैरवाय नमःसबसे सरल और सबसे प्रचलित मंत्र — 108 बार
ॐ भ्रं भ्रं भ्रैरवाय फट्भय और बाधा हरने वाला बीज मंत्र
ॐ श्री कालभैरवाय नमः शांतिं कुरु कुरु फट्शांति और संकट निवारण के लिए

पूरे मन से जाप कीजिए — पूजा में जल्दबाज़ी न कीजिए। काल भैरवाष्टकम् का पाठ भी इस दिन बहुत फलदायी माना जाता है।

📿 डिजिटल जाप माला — 108 बार जाप

भैरव जयंती की शुभकामनाएं — WhatsApp पर भेजिए

🙏 भैरव जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। बाबा काल भैरव जी आपके सारे संकट हरें, हर डर दूर करें और घर में सुख-शांति बनाए रखें। जय भैरव नाथ 🙏

🕉️ जय श्री काल भैरव 🕉️ आज के पावन दिन पर बाबा आपको हिम्मत, बुद्धि और साहस दें। विघ्न हरें, राह खोलें, और जो चाहा हो वह पूरा हो। भैरव जयंती की शुभकामनाएं 🙏

🙏 काल भैरव जयंती की शुभकामनाएं 🙏 जहाँ बाबा काल भैरव दरबार का साथ है, वहाँ न डर है, न बाधा, न किसी का खौफ। बाबा आप पर सदा कृपा बनाए रखें।

अपने नाम और फोटो के साथ भेजना है? ऊपर वाला बटन दबाइए — कार्ड में आपका नाम भी छपेगा।

2026 की बाकी कालाष्टमी (मासिक अष्टमी व्रत)

हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी होती है — इनमें भैरव जयंती (मार्गशीर्ष) सबसे बड़ी मानी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भैरव जयंती 2026 कब है?

मंगलवार, 1 दिसंबर 2026। अष्टमी तिथि 1 दिसंबर की रात 12:11 बजे शुरू होकर 11:13 बजे तक रहती है।

काल भैरव जयंती और कालाष्टमी में फ़र्क़ क्या है?

कालाष्टमी हर महीने आती है (साल में 12-13 बार)। उनमें मार्गशीर्ष मास की अष्टमी को काल भैरव जयंती कहते हैं — वही सबसे बड़ी और सबसे पवित्र है।

पूजा किस समय करें?

अष्टमी तिथि के भीतर — सुबह से रात तक कभी भी। मंगलवार होने से सुबह का समय और भी शुभ माना जाता है। दीपक और जाप रात को भी किए जा सकते हैं।

क्या कुत्ते को खाना खिलाना ज़रूरी है?

हाँ — श्वान बाबा का वाहन हैं। रोटी, दूध, या सात्विक भोजन (मांस-रहित) दे दीजिए। कई भक्त के मुताबिक यह सबसे जल्दी फल देने वाला उपाय है।

भैरव जयंती की शुभकामनाएं अपने नाम के साथ कैसे भेजें?

ऊपर "भैरव जयंती की शुभकामना भेजें" दबाइए — नाम लिखिए, फोटो लगाइए (वैकल्पिक), और WhatsApp पर भेज दीजिए। जिसे भेजेंगे, वह भैरव दरबार पर आपका कार्ड देखेगा।

क्या यह मुफ़्त है?

जी हाँ, पूरी तरह मुफ़्त — कोई लॉगिन नहीं, कोई शुल्क नहीं। नाम और फोटो किसी सर्वर पर सेव नहीं होते।

और भी देखिए

॥ जय श्री काल भैरव ॥
तिथि-समय भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार; स्थान के हिसाब से कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।